
कोरबा। मिनीमाता हसदेव (बांगो) जलाशय में लागू ठेका व्यवस्था के विरोध में सोमवार को बांगो बांध से विस्थापित आदिवासी समुदायों और हसदेव जलाशय क्षेत्र की 22 पंजीकृत मछुआरा सहकारी समितियों ने संयुक्त रूप से प्रदर्शन किया।

विस्थापित आदिवासी मछुआरा संघर्ष समिति के नेतृत्व में तानसेन चौक से कलेक्टर कार्यालय तक रैली निकालकर कलेक्टर व एसपी को ज्ञापन सौंपा गया। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में आदिवासी मछुआरे शामिल हुए, जबकि छत्तीसगढ़ किसान सभा ने भी आंदोलन का समर्थन किया। समिति के संयोजकों ने आरोप लगाया कि ठेका प्रणाली से विस्थापित और पारंपरिक मछुआरा समुदायों का शोषण हो रहा है और अपने ही जलाशय में उन्हें ठेकेदारों के अधीन काम करना पड़ रहा है। उन्होंने वन अधिकार अधिनियम के तहत ग्राम सभाओं के सामुदायिक अधिकारों को मान्यता देने और ठेका व्यवस्था समाप्त कर रॉयल्टी आधारित सामुदायिक मत्स्य व्यवस्था लागू करने की मांग की।

ज्ञापन में मछुआरों के साथ धमकी और अवैध वसूली की शिकायतों का भी उल्लेख करते हुए सुरक्षा की मांग की गई। पूर्व विधायक भानु प्रताप सिंह व किसान सभा नेताओं ने चेतावनी दी कि मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन तेज किया जाएगा।



